सफ़र आगे ले जाते हैं पर मेरा सफ़र मुझे उल्टा ले जा रहा है।लौट रही हूँ मैं ...
कुछ कहानियाँ कभी पूरी नहीं होतीं पर होती हैं पूरी ज़िंदगी।अनकही , अनसुनी दास्तां होती हैं, जिन्हें न जुबां से बोलकर सुना जा सकता और न ही दिमाग से समझा जा सकता है। ये वो कहानी होती है जिसे मौन रहकर कहा जाता है और दिल से सुना जाता है। इस कहानी को समझा नहीं बल्कि महसूस किया जाता है।
शुरू करती हूँ यह नया सफ़र ...
आओ रात भर
इक रात को
रात भर जगाया जाए ...

क्या बात है ? बहुत खुशी होती है तुम्हें पढ़कर !
ReplyDeleteआभार
Deleteबहुत सही और सुन्दर।
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